
स्टेफ़ान ज़्वाइग
बीते कल की दुनिया (खंड 2)
लेआउट
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- जर्मन में शीर्षक
- Die Welt von Gestern (Band 2)
- मूल प्रकाशन
- 1942
- भाषाएँ
- जर्मन और हिंदी
- पृष्ठ
- लगभग 515
- संस्करण
- संपूर्ण
पुस्तक का सारांश
यह दूसरा खंड अगस्त 1914 के पहले घंटों से खुलता है, भीड़ का उत्साह और उन लोगों का अकेलापन जो उसमें शामिल होने से इनकार करते हैं। ज़्वाइग अभिलेखागार में अपनी सेवा, रोमैं रोलाँ के पास स्विट्ज़रलैंड में बिताया समय, फिर ऑस्ट्रिया के ढहने और संपत्तियाँ चाट जाने वाली मुद्रास्फीति का हाल सुनाते हैं। इसके बाद आता है राष्ट्रीय समाजवाद का उभार, लंदन का निर्वासन, अपनी भाषा और अपने पाठकों का छूट जाना। यह खंड युद्ध, एक देश के मिट जाने और इस बात की पड़ताल करता है कि निर्वासन एक लेखक का क्या कर देता है। ज़्वाइग ने ये संस्मरण ब्राज़ील में पूरे किए, जो खो चुका था उसका लेखा रखते हुए।



