
फ्रांज़ काफ़्का
मुक़दमा
लेआउट
प्रारूप: PDF। किसी भी डिवाइस पर पढ़ी जा सकती है।
- कज़ाख में शीर्षक
- Сот процесі
- मूल प्रकाशन
- 1925
- भाषाएँ
- कज़ाख और हिंदी
- पृष्ठ
- लगभग 503
- संस्करण
- संपूर्ण
पुस्तक का सारांश
एक सुबह बैंक के मुख़्तार योज़ेफ़ के. को उसके कमरे में दो पहरेदार गिरफ़्तार करते हैं, जो आरोप के बारे में कुछ नहीं बताते और उसे दफ़्तर जाने से नहीं रोकते। कार्यवाही चलती रहती है और कभी उसे समझाई नहीं जाती, एक उपनगरीय इमारत के अटारी-तल्ले में, जहाँ फ़ाइलों से अटी एक अदालत बैठती है। के. एक बीमार वकील से मिलता है, एक चित्रकार से जो जजों के बल पर जीता है, और एक व्यापारी से जिसे उसके अपने मुक़दमे ने निगल लिया। हर कोशिश उसे ऐसे तंत्र में और धँसा देती है जिसकी ऊपरी सीढ़ियाँ किसी ने नहीं देखीं। काफ़्का की मृत्यु के बाद छपा यह उपन्यास अपराधबोध, सत्ता और उस अदालत की पड़ताल करता है जहाँ तक कभी पहुँचा नहीं जाता।



