
निकोलाई गोगोल
मृत आत्माएँ
लेआउट
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- रूसी में शीर्षक
- Мёртвые души
- मूल प्रकाशन
- 1842
- भाषाएँ
- रूसी और हिंदी
- पृष्ठ
- लगभग 300
- संस्करण
- संक्षिप्त
पुस्तक का सारांश
चिचिकोव एक प्रांतीय शहर में उतरता है, स्थानीय समाज में अपनी जगह बनाता है और आसपास के ज़मींदारों से मिलने जाता है। वह उनके सामने एक अनोखा सौदा रखता है: पिछली जनगणना के बाद मर चुके उन भूदासों को ख़रीदना जो काग़ज़ों में अब भी दर्ज हैं और अपने मालिकों से कर वसूलवाते हैं। एक-एक जागीर पर कंजूस, गँवार, शक्की विधवा और ख़यालों में डूबा मालिक सामने आते हैं, जब तक शहर अपने मेहमान पर सवाल उठाने नहीं लगता। उपन्यास लोभ की और एक ऐसे देश की पड़ताल करता है जिसे उसके छोटे-छोटे जुगाड़ उघाड़ देते हैं। गोगोल इसे एक हास्य-दीर्घा बनाते हैं जो धीरे-धीरे नैतिक बही-खाते में बदल जाती है।



