
जेन ऑस्टेन
गर्व और पूर्वाग्रह
लेआउट
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- अरबी में शीर्षक
- كبرياء وتحامل
- मूल प्रकाशन
- 1813
- भाषाएँ
- अरबी और हिंदी
- पृष्ठ
- लगभग 298
- संस्करण
- संक्षिप्त
पुस्तक का सारांश
एलिज़ाबेथ बेनेट, पाँच बहनों में दूसरी, इंग्लैंड के छोटे ज़मींदार वर्ग के एक ऐसे परिवार में रहती है जहाँ बेटियों का भविष्य विवाह से तय होता है। पड़ोस में एक धनी नवयुवक और उसके मित्र डार्सी के आने से, जिसे सब घमंडी मानते हैं, आसपास का सारा संतुलन हिल जाता है। अफ़वाहों और जल्दबाज़ी में बने विचारों के बीच एलिज़ाबेथ उस आदमी से टकराती है जिसे वह पहले से जानने का दावा करती है। उपन्यास सामाजिक पूर्वाग्रहों, कुल के अभिमान और उन्नीसवीं सदी के आरंभिक इंग्लैंड में स्त्रियों की जगह की पड़ताल करता है। ऑस्टेन की सधी हुई विडंबना शिष्टाचार की इस कॉमेडी को भावनाओं और रूढ़ियों के अध्ययन में बदल देती है।



