बीसवीं सदी की शुरुआत में अमेरिकी पश्चिम के एक छोटे, शांत शहर में, बचपन के दो दोस्तों को एक ख़याल आता है: सबको यक़ीन दिलाना कि शहर बड़ा होने वाला है। जब तक लोग यक़ीन करते हैं, ज़मीनों के दाम चढ़ते रहते हैं। वे ज़मीनें ख़रीदते हैं, एक नया मोहल्ला बसाते हैं और रेलवे ले आते हैं।
आसान पैसे, दोस्ती और सट्टेबाज़ी के बुख़ार पर हास्य से भरा एक व्यंग्य।
जीवंत अंदाज़ और ढेर सारे संवाद, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें इसे पढ़ना सुखद बना देते हैं।



















