1872 में लंदन में, फ़िलियस फ़ॉग, एक बेहद अनुशासित अंग्रेज़ सज्जन, भारी रक़म की शर्त लगाते हैं कि वे अस्सी दिनों में दुनिया का चक्कर लगा लेंगे। वे उसी शाम अपने नए नौकर, जुगाड़ू फ़्रांसीसी पासपार्तू, के साथ निकल पड़ते हैं। इंस्पेक्टर फ़िक्स यह मानकर उनका पीछा करता है कि उसका सामना एक चोर से है।
यात्री जहाज़ में, ट्रेन में और यहाँ तक कि हाथी की पीठ पर, फ़ॉग घड़ी से होड़ लेते हैं, और आख़िरी पन्ने तक एक के बाद एक अनहोनी होती रहती है।
रफ़्तार और हास्य से भरा यह उपन्यास, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आसानी से पढ़ा जाता है।



















