जोनाथन हार्कर, एक युवा वकील, लंदन के पास की एक जायदाद काउंट ड्रैकुला को बेचने का सौदा पक्का करने ट्रांसिल्वेनिया जाता है। सुनसान क़िले में वह देखता है कि उसका मेज़बान कभी खाना नहीं खाता, दिन में कभी दिखाई नहीं देता और आईने में उसका प्रतिबिंब नहीं बनता। जल्द ही जोनाथन समझ जाता है कि वह क़ैदी है।
यही वह उपन्यास है जिसने सबसे मशहूर पिशाच को जन्म दिया, और उसकी छवि हमेशा के लिए तय कर दी: क़िला, रात, नुकीले दाँत और मंडराता डर।
डायरियों और चिट्ठियों के ज़रिए कही गई यह कहानी, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें किसी रहस्य-उपन्यास की तरह पढ़ी जाती है।



















