अनाथ बालक पिप केंट के दलदली इलाक़े में अपनी बहन और उसके पति जो के यहाँ पलता है। जो एक बड़े दिल वाला लोहार है। एक शाम क़ब्रिस्तान में उसका सामना जेल से भागे एक क़ैदी से होता है, जो उसे बुरी तरह डरा देता है। फिर उसे मिस हैविशम के घर बुलाया जाता है। यह बूढ़ी महिला आज भी अपनी शादी का जोड़ा पहने रहती है और सुंदर पर ठंडे स्वभाव की एस्टेला के साथ रहती है।
जिस दिन एक अनजान उपकारी उसे लंदन में सज्जन बनने का मौक़ा देता है, पिप की ज़िंदगी पलट जाती है। उसके सपने, उसकी ग़लतियाँ और उसके भ्रम उसे डिकेंस के सबसे प्यारे नायकों में से एक बनाते हैं।
पिप ख़ुद अपनी कहानी सुनाता है, और आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें यह महान उपन्यास मज़े से पढ़ा जाता है।



















