मार्लो, एक अंग्रेज़ नाविक, हाथीदाँत का व्यापार करने वाली एक कंपनी के लिए अफ़्रीका की एक बड़ी नदी पर भाप-नाव ले जाने को राज़ी होता है। नदी में ऊपर की ओर पूरे सफ़र में उसे कंपनी के सबसे क़ाबिल एजेंट, कर्ट्ज़ के बारे में बताया जाता है। जंगल की सबसे गहरी जगह पर बसा कर्ट्ज़ अकेले ही बाक़ी सब से ज़्यादा हाथीदाँत भेजता है। पर कोई ठीक-ठीक नहीं जानता कि वहाँ उसका क्या हुआ।
यह छोटी कहानी पाठक को उपनिवेशवाद के बीचोबीच एक दिलचस्प सफ़र पर ले जाती है, वहाँ जहाँ सत्ता की कोई सीमा नहीं रहती।
अनुवाद हमेशा आँखों के सामने रहता है, इसलिए आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आप यह कहानी पढ़ सकते हैं।



















