अनाथ जेन आयर पहले अपनी मामी के हाथों सताई जाती है, फिर एक सख़्त आवासीय स्कूल में पलती है, और थॉर्नफ़ील्ड की हवेली में गवर्नेस बनती है। वहाँ उसकी मुलाक़ात अपने मालिक मिस्टर रॉचेस्टर से होती है, जो एक उदास आदमी है और जिसके मिज़ाज का कोई ठिकाना नहीं, और जेन को उससे प्रेम हो जाता है। पर घर एक राज़ छिपाए है, और रात में गलियारों में अजीब आवाज़ें गूँजती हैं।
प्रेम और रहस्य की एक बड़ी कहानी, जिसे एक ऐसी नायिका आगे बढ़ाती है जो अपनी आज़ादी और गरिमा छोड़ने से इनकार करती है।
जेन ख़ुद अपनी कहानी ऐसे सुनाती है जैसे दिल की बात बता रही हो, और आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें यह उपन्यास बड़े चाव से पढ़ा जाता है।



















