बारह कहानियों के इस संग्रह में रुडयार्ड किपलिंग एक बच्चे को, जिसे वे “प्यारे” कहकर बुलाते हैं, बताते हैं कि व्हेल को उसका गला कैसे मिला, ऊँट को उसका कूबड़, तेंदुए को उसके धब्बे और हाथी को उसकी सूँड। इसमें यह भी पता चलता है कि पहली चिट्ठी और लिखने की कला कैसे ईजाद हुई।
ध्वनियों के खेल, टेक और गढ़े हुए शब्दों से भरी ये मज़ेदार और शरारती कहानियाँ ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए बनी हैं, बच्चों के लिए भी और बड़ों के लिए भी।
छोटी और लयबद्ध ये कहानियाँ, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें एक-एक करके पढ़ी जाती हैं।



















