उनतीस साल की वैलेंसी स्टर्लिंग ओंटारियो के एक छोटे शहर में अपनी माँ और एक ऐसे परिवार के दबाव में जीती है जो उसका मज़ाक़ उड़ाता है। वह एक नीले क़िले का सपना देखकर ख़ुद को तसल्ली देती है, जहाँ वह आख़िरकार ख़ुश होगी। जिस दिन एक डॉक्टर उसे बताता है कि उसके पास जीने को बस एक साल बचा है, वह तय करती है कि अब वह किसी की बात नहीं मानेगी।
आख़िरकार वह अपने मन की बात कहती है, घर छोड़ देती है और बार्नी स्नेथ से मिलती है, एक रहस्यमय आदमी जिसकी पूरा शहर बुराई करता है। हास्य से भरी एक रोमांटिक कॉमेडी, आख़िरकार अपने लिए जीने की हिम्मत पर।
“ऐन ऑफ़ ग्रीन गेबल्स” की लेखिका का यह उजला उपन्यास, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें बड़े आनंद से पढ़ा जाता है।



















