बीसवीं सदी की शुरुआत में न्यूयॉर्क में, विलियम डेस्टिन, एक कंगाल हो चुका नौजवान, हर रंग में रँगे चूहों के साथ जादू के करतब दिखाकर गुज़ारा करता है। उनमें से एक, हरा चूहा, भागकर उसकी पड़ोसन एथेलिंडा के घर पहुँच जाता है, जो एक युवा चित्रकार है। उसका पति बनकर विलियम एक ऐसा यंत्र ईजाद करता है जो “मानसिक तरंगें” पकड़ता है और एक-दूसरे के लिए बने दो लोगों को जोड़ देता है।
एथेलिंडा और अपनी साली सैकरिसा के साथ, वह अमीर बनने के लिए “हरा चूहा” नाम की एक कंपनी खोलता है। पर हर प्रयोग से अनपेक्षित और मज़ेदार मुलाक़ातें हो जाती हैं। विज्ञान और प्रेम से खेलती एक हल्की-फुल्की कल्पना।
जीवंत संवाद, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें इसे पढ़ना सुखद बना देते हैं।



















