इस संग्रह में लू शुन की पहली कहानियाँ हैं, जो चीन में साम्राज्य के पतन के बाद के सालों में लिखी गईं। एक आदमी को यक़ीन हो जाता है कि उसके पड़ोसी उसे खा जाना चाहते हैं। एक बूढ़ा ग़रीब विद्वान शराब पीने एक ऐसे शराबख़ाने में आता है जहाँ सब उसका मज़ाक़ उड़ाते हैं। एक पिता अपने बेटे को बचाने के लिए ख़ून में भीगी एक दवा ख़रीदता है।
सबसे मशहूर कहानी गाँव के दिहाड़ी मज़दूर आ क्यू की है, जो हर अपमान को एक काल्पनिक जीत में बदल देता है। चीन में आज भी “आ क्यू की भावना” का मतलब है अपनी हारों को न देखने के लिए ख़ुद से झूठ बोलना।
अनुवाद हमेशा आँखों के सामने रहता है, इसलिए आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें ये छोटी कहानियाँ एक-एक करके पढ़ी जाती हैं।



















