सेंट पीटर्सबर्ग में, रस्कोलनिकोव, एक बहुत ग़रीब पूर्व छात्र, छत के नीचे एक छोटी-सी कोठरी में रहता है। उसने ख़ुद को यक़ीन दिला लिया है कि कुछ असाधारण लोगों को क़ानून लाँघने का हक़ है, और वह कुल्हाड़ी से एक बूढ़ी सूदख़ोर औरत को मार डालता है। उस पल से डर और बुख़ार उसका पीछा नहीं छोड़ते, जबकि चालाक और धैर्यवान जाँच-अधिकारी पोर्फ़िरी मानो उसके मन को पढ़ लेता है।
शुरू से ही पता है कि अपराधी कौन है, फिर भी रोमांच कभी कम नहीं होता: सब कुछ उसकी अंतरात्मा में घटता है।
अनुवाद हमेशा आँखों के सामने रहता है, इसलिए आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आप दोस्तोयेव्स्की की यह महान कृति पढ़ सकते हैं।



















