गुस्ताफ़ फ़ॉन आशेनबाख़, एक मशहूर और ढलती उम्र का लेखक, काम से थककर आराम करने वेनिस जाता है। लीडो के अपने बड़े होटल में वह ताद्ज़ियो नाम के एक पोलिश लड़के की सुंदरता पर मोहित हो जाता है, जो उसे संपूर्ण लगती है। इस बीच शहर में चुपके-चुपके एक महामारी फैल रही है।
यह छोटा उपन्यास सुंदरता के मोह की बात करता है, और एक ऐसे आदमी की जो ख़ुद पर पूरा क़ाबू रखता था पर धीरे-धीरे सारा नियंत्रण खो बैठता है। यह बीसवीं सदी की सबसे मशहूर कहानियों में से एक है।
अनुवाद हमेशा आँखों के सामने रहता है, इसलिए आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आप यह महान कृति पढ़ सकते हैं।



















