ईसा पूर्व पाँचवीं सदी में, यूनान के दो सबसे बड़े नगर, एथेंस और स्पार्टा, लगभग तीस साल तक आपस में लड़ते हैं। थ्यूसिडिडीज़, एथेंस का एक सेनापति जिसने यह युद्ध ख़ुद जिया, लड़ाइयों, एथेंस पर टूटी महामारी, पेरिक्लीज़ के भाषणों और सिसिली के विरुद्ध विनाशकारी अभियान का हाल सुनाता है।
वह समझना चाहता है कि इंसानों को युद्ध की ओर क्या धकेलता है: डर, स्वार्थ, सम्मान। उसके सबक़ आज भी खरे हैं: जब कोई उभरती ताक़त किसी जमी हुई ताक़त को बेचैन करती है, तो आज भी “थ्यूसिडिडीज़ के जाल” की बात होती है।
अनुवाद हमेशा आँखों के सामने रहता है, इसलिए आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आप इतिहास की यह महान क्लासिक पढ़ सकते हैं।



















