फ़िलीपींस के स्कूली बच्चों के लिए जुटाए गए इन पाठों में होसे रिज़ाल ख़ुद अपनी ज़िंदगी सुनाते हैं: एक बड़ी झील के किनारे कालांबा में उनका बचपन, उनकी माँ जो शाम को उन्हें पढ़ना सिखाती हैं, बिन्यान का सख़्त स्कूल, फिर मनीला के कॉलेज में उनकी सफलताएँ। दूसरे पन्ने उनकी यात्राओं की बात करते हैं, जापान से इंग्लैंड तक, और दापितान में उनके निर्वासन की।
इनमें फ़िलीपींस के राष्ट्रीय नायक को भीतर से जाना जा सकता है, साथ में उनके देश की कहावतें, पहेलियाँ और एक लोककथा भी हैं।
सरल वाक्यों में लिखी यह छोटी किताब, आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें आसानी से पढ़ी जाती है।



















