सेन नदी के किनारे अपने घर में अकेला एक आदमी डायरी लिखता है। नदी पर से एक सुंदर ब्राज़ीली तीन-मस्तूल जहाज़ के गुज़रने के बाद उसे ठीक से नींद नहीं आती, और सुबह उठकर वह पाता है कि रात में उसकी सुराही का पानी किसी ने पी लिया है। आख़िरकार उसे यक़ीन हो जाता है कि कोई अदृश्य प्राणी उसके साथ रहता है।
क्या वह पागल है, या सचमुच कोई वहाँ है? मोपासाँ कभी फ़ैसला नहीं सुनाते, और यही शक डर पैदा करता है।
इस किताब में मोपासाँ की दूसरी कहानियाँ भी हैं। आप जो भाषा सीख रहे हैं, उसमें हर कहानी एक ही बैठक में पढ़ी जाती है।



















